मैसूर: महलों का शहर

मैसूर पैलेस

मैसूर, कर्नाटक का सांस्कृतिक केंद्र, जो अपने भव्य महल, धार्मिक स्थलों और रेशम उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। यह शहर अपनी समृद्ध विरासत और शाही अतीत के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। मैसूर दसरा उत्सव के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है जो पूरे भारत में मनाया जाता है।

मैसूर का इतिहास

मैसूर वोडेयार राजवंश की राजधानी थी जिन्होंने यहां 500 वर्षों तक शासन किया। शहर का नाम महिषासुर नामक राक्षस से लिया गया है जिसे देवी चामुंडेश्वरी ने मारा था। आज भी मैसूर अपनी शाही विरासत को संजोए हुए है।

मैसूर के प्रमुख आकर्षण

1. मैसूर पैलेस (अंबा विलास पैलेस)

यह भारत के सबसे भव्य महलों में से एक है। इसका निर्माण 1912 में हुआ था। महल में इंडो-सारसेनिक वास्तुकला है जो हिंदू, मुस्लिम, राजपूत और गोथिक शैलियों का मिश्रण है। रात में 98,000 बल्बों से जगमगाता यह महल एक अद्भुत दृश्य है।

2. चामुंडी हिल

मैसूर से 13 किमी दूर यह पहाड़ी देवी चामुंडेश्वरी को समर्पित है। यहां एक प्राचीन मंदिर है और मैसूर शहर का शानदार नजारा मिलता है। रास्ते में विशाल नंदी की मूर्ति भी देखने लायक है।

3. बृंदावन गार्डन

कृष्णराजसागर बांध के पास स्थित यह बगीचा प्रसिद्ध musical fountain के लिए जाना जाता है। यहां संगीत के साथ फव्वारे नाचते हैं। यह परिवारों के लिए एक आदर्श पिकनिक स्थल है।

4. मैसूर जू

यह भारत के सबसे पुराने और सबसे अच्छे चिड़ियाघरों में से एक है। यहां 100 से अधिक प्रजातियों के जानवर हैं। सफेद बाघ इसका मुख्य आकर्षण है।

5. सेंट फिलोमेना चर्च

यह एशिया के सबसे बड़े चर्चों में से एक है। इसकी वास्तुकला जर्मन शैली में है और यह बहुत ही भव्य दिखता है। चर्च के अंदर सुंदर कांच की खिड़कियां हैं।

6. जगनमोहन पैलेस

यह एक कला गैलरी है जिसमें राजा रवि वर्मा की प्रसिद्ध पेंटिंग्स हैं। यहां भारतीय और पारंपरिक कलाकृतियों का संग्रह है।

मैसूर रेशम साड़ी

मैसूर की रेशम साड़ियां दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। इनकी विशेषता उनकी हल्की वजन, चमकदार रंग और सोने की जरी की कढ़ाई है। कृष्णराजा सागर रोड पर रेशम के कई फैक्ट्री आउटलेट्स हैं।

मैसूर दसरा

मैसूर दसरा भारत का सबसे भव्य त्योहारों में से एक है। 10 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में शाही procession, सांस्कृतिक कार्यक्रम और महल की रोशनी होती है। विजयादशमी के दिन हाथियों की grand procession निकलती है।

मैसूर पाक

मैसूर का प्रसिद्ध मिठाई 'मैसूर पाक' यहीं से शुरू हुआ। यह बेसन, घी और चीनी से बनी एक स्वादिष्ट मिठाई है। शहर में कई प्रसिद्ध दुकानें जैसे गुरु स्वीट्स मार्ट और सरकारी स्टोर्स हैं।

सामान्य प्रश्न (FAQs)

मैसूर जाने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?

अक्टूबर से मार्च मैसूर जाने का सबसे अच्छा समय है। अक्टूबर में दसरा उत्सव मनाया जाता है जो देखने लायक होता है।

मैसूर पैलेस का प्रवेश शुल्क कितना है?

भारतीय नागरिकों के लिए 70 रुपये और विदेशी पर्यटकों के लिए 200 रुपये। बच्चों के लिए अलग दरें हैं।

मैसूर में कितने दिन रुकना चाहिए?

मैसूर को पूरी तरह से देखने के लिए 2-3 दिन पर्याप्त हैं। इससे आप सभी प्रमुख आकर्षण देख सकते हैं।

मैसूर कैसे पहुंचें?

बेंगलुरु हवाई अड्डा (170 किमी) निकटतम है। मैसूर का अपना रेलवे स्टेशन भी है और बेंगलुरु से अच्छी सड़क कनेक्टिविटी है।

क्या मैसूर में रात्रि में पैलेस देखा जा सकता है?

हां, रात्रि 7 बजे से 7:30 बजे तक पैलेस रोशनी में जगमगाता है और यह बाहर से देखने के लिए खुला रहता है।

मैसूर में कहां से साड़ी खरीदें?

कृष्णराजा सागर रोड और देवराज उर्स रोड पर कई सरकारी और निजी रेशम दुकानें हैं। KSIC आउटलेट्स सबसे विश्वसनीय हैं।

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